राष्ट्रीय शिक्षक संघ द्वारा आयोजित **कर्तव्य बोध पखवाड़ा** का उद्देश्य समाज में कर्तव्य, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। यह पखवाड़ा विशेष रूप से विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों में यह भावना विकसित करता है कि अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना भी उतना ही आवश्यक है। इस पखवाड़े के अंतर्गत विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में विविध रचनात्मक एवं प्रेरणादायी गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जैसे— कर्तव्य बोध पर संगोष्ठी, राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका पर चर्चा, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम, शपथ समारोह, निबंध व भाषण प्रतियोगिताएँ आदि। इन गतिविधियों के माध्यम से
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Teachers Day
1. परिचय शिक्षक, हमारे जीवन के वो मार्गदर्शक हैं जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। अगर माता-पिता हमें जीवन देते हैं तो शिक्षक उस जीवन को जीने का तरीका सिखाते हैं। विद्यालय के बच्चे जब हर साल शिक्षक दिवस मनाते हैं, तो यह दिन उनके लिए सिर्फ एक उत्सव नहीं बल्कि प्रेरणा का अवसर होता है। शिक्षक दिवस हमें याद दिलाता है कि एक शिक्षक की मेहनत और उनके दिए संस्कार हमारे भविष्य की नींव रखते हैं। यह दिन बच्चों को यह समझने का मौका देता है कि सफलता पाने के लिए सिर्फ किताबें ही नहीं,
समरसता गीत
समरसता का दीप जलाएं समरसता का दीप जलाएं, प्यार-मुहब्बत साथ बढ़ाएं। जाति-धर्म के भेद मिटाकर, भाईचारे की राह दिखाएं।। आओ मिलकर करें ये वादा, भेदभाव को दूर भगाएं। भीमराव के सपनों का भारत, हर कोने में खुशी सजाएं।। समरसता का दीप जलाएं, प्यार-मुहब्बत साथ बढ़ाएं। समानता की बात करें हम, उन्नति की पहचान बनाएं। दूर करें अज्ञान का अंधेरा, ज्ञान रूप प्रकाश फैलाएं।। समरसता का दीप जलाएं, प्यार-मुहब्बत साथ बढ़ाएं। भेदभाव की दीवार गिराकर, नया सवेरा हम लाएं। सब को पूरा मान मिले, ऐसा सुंदर कल बनाएं।। समरसता का दीप जलाएं, प्यार-मुहब्बत साथ बढ़ाएं। समरसता दिवस ( samarasata diwas
समरसता दिवस
समरसता दिवस का परिचय ( samarasata diwas ) समरसता दिवस भारत मे सामाजिक समानता और एकता को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन का उद्देश्य “समाज मे जाति, धर्म और आर्थिक असमानताओ को समाप्त करना और सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करना है।” समरसता दिवस का मुख्य संदेश यही है कि समाज में सभी को समान दृष्टि से देखा जाए और किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त किया जाए। समरसता दिवस का ऐतिहासिक महत्व ( Historical importance of samarasata diwas ) समरसता दिवस मनाने की प्रेरणा भारत रत्न डॉ.
करवा चौथ
परिचय: करवाचौथ का महत्व करवाचौथ भारतीय महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जिसे मुख्य रूप से उत्तर भारत में विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और समृद्धि के लिए मनाती हैं। यह त्योहार उनके सच्चे प्रेम और समर्पण का प्रतीक होता है। करवाचौथ का व्रत कठोर होता है, जिसमें महिलाएं सूर्योदय से चंद्रमा के दर्शन तक बिना अन्न और जल ग्रहण किए रहती हैं। करवाचौथ की कहानी वीरवती की कथा: प्रेम और तपस्या की मिसाल वीरवती एक अत्यंत सुंदर और प्रिय राजकुमारी थी। वह अपने सात भाइयों की एकमात्र बहन थी, और
hindi diwas speech
हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। इसे हिंदी भाषा के महत्व को उजागर करने और राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से मनाया जाता है। हिंदी दिवस के बारे में प्रमुख तथ्य: इस प्रकार से है । 14 सितंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। इसे यादगार बनाने के लिए 1953 से हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है ।वर्ष 1918 में हुए एक “हिंदी साहित्य सम्मेलन” में गांधीजी के द्वारा हिंदी को “राजभाषा” बनाने पर जोर दिया