समरसता का दीप जलाएं
समरसता का दीप जलाएं, प्यार-मुहब्बत साथ बढ़ाएं।
जाति-धर्म के भेद मिटाकर, भाईचारे की राह दिखाएं।।
आओ मिलकर करें ये वादा,
भेदभाव को दूर भगाएं।
भीमराव के सपनों का भारत,
हर कोने में खुशी सजाएं।।
समरसता का दीप जलाएं, प्यार-मुहब्बत साथ बढ़ाएं।
समानता की बात करें हम,
उन्नति की पहचान बनाएं।
दूर करें अज्ञान का अंधेरा,
ज्ञान रूप प्रकाश फैलाएं।।
समरसता का दीप जलाएं, प्यार-मुहब्बत साथ बढ़ाएं।
भेदभाव की दीवार गिराकर,
नया सवेरा हम लाएं।
सब को पूरा मान मिले,
ऐसा सुंदर कल बनाएं।।
समरसता का दीप जलाएं, प्यार-मुहब्बत साथ बढ़ाएं।